दल-बदल कानून के तहत जेडीयू की शिकायत पर कार्रवाई, सदस्यता रद्द करने की मांग; मोकामा की राजनीति में बढ़ी हलचल
पटना, 2 नवंबर 2026। बिहार की राजनीति में मोकामा विधायक अनंत सिंह की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। बिहार विधानसभा के अध्यक्ष प्रेम कुमार ने जेडीयू की शिकायत पर अनंत सिंह को दल-बदल कानून के तहत नोटिस जारी किया है। विधानसभा सचिवालय की ओर से भेजे गए नोटिस में उन्हें सात दिनों के भीतर अपना पक्ष रखने को कहा गया है। जेडीयू ने पार्टी विरोधी गतिविधियों का आरोप लगाते हुए उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त करने की मांग की है।
जेडीयू ने 10 पन्नों के सबूत के साथ की शिकायत
जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा की ओर से 24 अक्टूबर को विधानसभा अध्यक्ष को शिकायत पत्र सौंपा गया था। इसमें अनंत सिंह के खिलाफ पार्टी विरोधी गतिविधियों से जुड़े 10 पन्नों के दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य दिए जाने का दावा किया गया है।
दरअसल, पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के एमएलसी चुनाव में अनंत सिंह ने जेडीयू उम्मीदवार नीरज कुमार के मुकाबले जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी अनुज सिंह के समर्थन में प्रचार किया था। इसके बाद जेडीयू ने अनंत सिंह और उनकी पत्नी एवं पूर्व विधायक नीलम देवी को पार्टी से निष्कासित कर दिया था।
स्पीकर के फैसले पर टिकी निगाहें
विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने पहले कहा था कि अनंत सिंह का पक्ष जानने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। अब विधानसभा सचिव संजय सिंह की ओर से नोटिस जारी कर सात दिनों में जवाब मांगा गया है। अनंत सिंह के जवाब और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय होगी।
इस बीच दुलारचंद यादव हत्याकांड में अनंत सिंह को मिली जमानत भी कानूनी चुनौती के दायरे में है। दुलारचंद यादव के पोते नीरज यादव की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने 30 अक्टूबर को अनंत सिंह को 1 दिसंबर तक आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया है।
हालांकि, उनकी छोटी बेटी शिवांगी सिंह की 25 नवंबर को होने वाली शादी को देखते हुए अदालत ने आत्मसमर्पण के लिए एक महीने की मोहलत दी है।
सदस्यता समाप्त हुई तो मोकामा में हो सकता है उपचुनाव
यदि कानूनी प्रक्रिया के बाद अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता समाप्त होती है, तो मोकामा विधानसभा सीट पर उपचुनाव की स्थिति बन सकती है। ऐसी परिस्थिति में चुनाव लड़ने को लेकर अनंत सिंह या उनके परिवार के किसी सदस्य के नाम की चर्चा हो सकती है। हालांकि, इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक निर्णय नहीं हुआ है।
नीरज कुमार और अनंत सिंह के बीच बढ़ा था विवाद
पटना स्नातक सीट के चुनाव के दौरान अनंत सिंह और जेडीयू नेता नीरज कुमार के बीच राजनीतिक विवाद सामने आया था। इस विवाद को सुलझाने की जिम्मेदारी केंद्रीय मंत्री ललन सिंह को दी गई थी। जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने भी इस मामले में बातचीत की बात कही थी।
चुनाव में नीरज कुमार की जीत के बाद राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई थी। बाद में नीरज कुमार के रुख में बदलाव देखने को मिला और उन्होंने ललन सिंह की तारीफ भी की।
फिलहाल अनंत सिंह के सामने विधानसभा की सदस्यता से जुड़ी शिकायत और सुप्रीम कोर्ट के आत्मसमर्पण संबंधी आदेश, दोनों महत्वपूर्ण कानूनी मामले हैं। आने वाले दिनों में इन पर होने वाली कार्रवाई पर बिहार की राजनीति की नजर रहेगी।
