सिर्फ कोविड नहीं, तनाव, गलत खानपान और शारीरिक गतिविधियों की कमी भी बढ़ा रही दिल की बीमारियों का खतरा
पटना, 31 अक्टूबर 2026। कम उम्र में युवाओं को हार्ट अटैक आने के मामले चिंता का विषय बनते जा रहे हैं। इस मुद्दे पर हेल्थवेल्थ समिट 2026 में देश के कई जाने-माने डॉक्टरों और हृदय रोग विशेषज्ञों ने चर्चा की। विशेषज्ञों ने कहा कि युवाओं में दिल की बीमारी के लिए सिर्फ कोविड को जिम्मेदार मानना सही नहीं है। इसके पीछे बदलती जीवनशैली, मानसिक तनाव, गलत खानपान और शारीरिक गतिविधियों की कमी जैसे कई कारण हो सकते हैं।
कोविड के अलावा भी हैं कई कारण
समिट में वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. डी.एस. गंभीर ने बताया कि कोविड संक्रमण का असर शरीर के कई अंगों पर पड़ सकता है। कुछ मरीजों में संक्रमण के बाद रक्त वाहिकाओं और खून के थक्के बनने की प्रक्रिया पर भी असर देखा गया है। हालांकि, हर हार्ट अटैक या अचानक हुई मौत को कोविड से जोड़ना वैज्ञानिक रूप से सही नहीं है।
तनाव और गलत आदतें बढ़ा सकती हैं खतरा
डॉ. मनोज कुमार के अनुसार, लंबे समय तक तनाव में रहना दिल की सेहत पर बुरा असर डाल सकता है। इसके साथ ही हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल, धूम्रपान, मोटापा और लगातार बैठे रहने की आदत भी हृदय रोग का खतरा बढ़ाती है।
विशेषज्ञों ने बताया कि जो लोग दिनभर लंबे समय तक बैठे रहते हैं और नियमित शारीरिक गतिविधियां नहीं करते, उन्हें अपनी सेहत पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
युवाओं को क्या सावधानी रखनी चाहिए?
डॉक्टरों ने दिल की सेहत बेहतर रखने के लिए कुछ जरूरी बातें बताईं:
रोजाना अपनी क्षमता के अनुसार शारीरिक गतिविधि करें।
संतुलित और पौष्टिक भोजन को प्राथमिकता दें।
लंबे समय तक लगातार बैठे रहने से बचें।
तनाव कम करने के लिए योग, ध्यान और पर्याप्त आराम को दिनचर्या में शामिल करें।
ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल की जांच डॉक्टर की सलाह के अनुसार कराएं।
तंबाकू और धूम्रपान से दूर रहें।
समय पर जांच और इलाज जरूरी
विशेषज्ञों का कहना है कि दिल की बीमारी का खतरा केवल अधिक उम्र के लोगों तक सीमित नहीं है। परिवार में हृदय रोग का इतिहास होने या किसी तरह की परेशानी महसूस होने पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। सीने में दर्द, सांस लेने में परेशानी या अचानक असामान्य पसीना आने जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में तुरंत चिकित्सा सहायता लें।
डॉक्टरों का मुख्य संदेश है कि हर स्वास्थ्य समस्या के लिए कोविड को जिम्मेदार ठहराने के बजाय वास्तविक कारणों की पहचान जरूरी है। बेहतर खानपान, नियमित गतिविधि, तनाव पर नियंत्रण और समय पर स्वास्थ्य जांच से दिल की सेहत का ध्यान रखा जा सकता है।
युवाओं में बढ़ रहे हार्ट अटैक के मामले, विशेषज्ञों ने बताई बदलती जीवनशैली की बड़ी भूमिका लाइव ज़ोन || समीर खान
