लाइव ज़ोन || समीर खान
भारत का विदेशी कर्ज 778 अरब डॉलर के पार, क्या देश पर बढ़ रहा है आर्थिक दबाव? जानिए RBI और वर्ल्ड बैंक के आंकड़े, दुनिया में भारत की स्थिति और भविष्य की चुनौतियां
भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर अक्सर यह सवाल उठता है कि देश पर कितना विदेशी कर्ज है और क्या भारत इस कर्ज को चुकाने की स्थिति में है? नवंबर 2026 तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, भारत का कुल विदेशी कर्ज जून 2026 के अंत में बढ़कर 778.2 अरब अमेरिकी डॉलर पहुंच गया था। भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों के मुताबिक यह मार्च 2026 के मुकाबले 15.4 अरब डॉलर अधिक है। हालांकि, केवल कर्ज की कुल रकम देखकर देश की आर्थिक स्थिति का फैसला करना सही नहीं होगा। यह देखना भी जरूरी है कि कर्ज कितना है, जीडीपी के मुकाबले कितना है और उसे चुकाने की क्षमता कितनी है।
- भारत पर कितना विदेशी कर्ज है?
भारतीय रिजर्व बैंक के सितंबर 2026 में जारी आंकड़ों के अनुसार:
भारत का कुल विदेशी कर्ज · जून 2026
778.2 अरब डॉलर
20.8%
जीडीपी के मुकाबले विदेशी कर्ज
174.3 अरब
सरकारी क्षेत्र का विदेशी कर्ज (डॉलर)
603.9 अरब
गैर-सरकारी क्षेत्र का विदेशी कर्ज (डॉलर)
54.8%
अमेरिकी डॉलर में विदेशी कर्ज की हिस्सेदारी
स्रोत: RBI, जून 2026 के विदेशी कर्ज के आंकड़े।
यहां एक महत्वपूर्ण बात समझना जरूरी है। 778.2 अरब डॉलर का पूरा कर्ज भारत सरकार ने नहीं लिया है। इसमें केंद्र सरकार, बैंक, वित्तीय संस्थान और निजी कंपनियों का विदेशी कर्ज भी शामिल है।
- वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट भारत और दुनिया के बारे में क्या कहती है?
विश्व बैंक ने 5 नवंबर 2026 को अपनी International Debt Report 2026 जारी की है। रिपोर्ट के अनुसार, विकासशील देशों का कुल विदेशी कर्ज 2025 में बढ़कर रिकॉर्ड 9.4 ट्रिलियन डॉलर हो गया।
विश्व बैंक की रिपोर्ट के प्रमुख तथ्य:
विकासशील देशों का विदेशी कर्ज 5.5 प्रतिशत बढ़ा।
2025 में निजी कर्जदाताओं से उधारी में तेजी आई।
विकासशील देशों को कर्ज का ब्याज और मूलधन चुकाने में भारी रकम खर्च करनी पड़ रही है।
गरीब देशों पर कर्ज का दबाव अधिक है।
कई देशों के लिए कर्ज चुकाने के बाद शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास पर खर्च करना चुनौती बन रहा है।
जापान 4.662 ट्रिलियन डॉलर
चीन 2.329 ट्रिलियन डॉलर
भारत 767.4 अरब डॉलर
स्रोत: वित्त मंत्रालय की India External Debt Status Report 2025-26, आंकड़े दिसंबर 2025 के।
इस रिपोर्ट के अनुसार भारत दुनिया के सबसे अधिक विदेशी कर्ज वाले देशों की सूची में 23वें स्थान पर था। इसका मतलब यह नहीं कि भारत दुनिया का सबसे अधिक कर्जदार देश है।
4. क्या भारत का विदेशी कर्ज चिंता का विषय है?
इस सवाल को समझने के लिए तीन महत्वपूर्ण बातें देखनी होंगी।
दूसरी बात – विदेशी मुद्रा भंडार: भारत के पास विदेशी मुद्रा का पर्याप्त भंडार होना जरूरी है, ताकि जरूरत पड़ने पर विदेशी कर्ज और आयात का भुगतान किया जा सके।
तीसरी बात – ब्याज और किस्त: देश की कमाई का कितना हिस्सा विदेशी कर्ज चुकाने में जा रहा है, यह भी आर्थिक मजबूती का महत्वपूर्ण पैमाना है।
RBI के मुताबिक जून 2026 में भारत का विदेशी कर्ज चुकाने का अनुपात चालू प्राप्तियों का 5.6 प्रतिशत था।
5. क्या भारत सरकार पर कुल कर्ज भी इतना ही है?
नहीं। यहां एक बड़ा अंतर समझना जरूरी है।
विदेशी कर्ज में सरकार के साथ निजी कंपनियों और बैंकों की विदेश से ली गई उधारी भी शामिल होती है।
सरकारी कुल कर्ज में देश के अंदर से लिया गया कर्ज भी शामिल होता है।
इसलिए भारत का कुल सरकारी कर्ज और कुल विदेशी कर्ज दो अलग-अलग आंकड़े हैं।
भारत के बजट 2025-26 में केंद्र सरकार की कुल बकाया देनदारियां 31 मार्च 2026 तक लगभग 196.79 लाख करोड़ रुपये अनुमानित की गई थीं।
- भारत के सामने आने वाली सबसे बड़ी चुनौतियां
डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत में गिरावट से विदेशी कर्ज चुकाना महंगा हो सकता है।
विदेशी कर्ज पर ब्याज का बोझ बढ़ने से आर्थिक दबाव आ सकता है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में मंदी आने पर विदेशी निवेश प्रभावित हो सकता है।
तेल और अन्य जरूरी वस्तुओं के आयात पर अधिक खर्च करना पड़ सकता है।
कर्ज का इस्तेमाल उत्पादक कामों में नहीं हुआ तो भविष्य में भुगतान की चुनौती बढ़ सकती है।
निष्कर्ष: क्या भारत आर्थिक संकट की ओर बढ़ रहा है?
उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर भारत को विदेशी कर्ज के कारण तत्काल आर्थिक संकट में घिरा हुआ बताना सही नहीं होगा। भारत की अर्थव्यवस्था, विदेशी मुद्रा भंडार, कर्ज का जीडीपी से अनुपात और भुगतान क्षमता को एक साथ देखना जरूरी है।
लेकिन यह भी सच है कि विदेशी कर्ज लगातार बढ़ने पर सरकार और निजी क्षेत्र दोनों को सावधानी बरतनी होगी। विश्व बैंक की 2026 की रिपोर्ट भी दुनिया के विकासशील देशों में बढ़ते कर्ज और उसकी लागत को लेकर चिंता जताती है।
असली सवाल यह नहीं है कि भारत पर कितना कर्ज है, बल्कि यह है कि उस कर्ज से देश को कितना विकास, रोजगार और आमदनी मिल रही है।
सोशल मीडिया के लिए सारांश:
भारत पर विदेशी कर्ज कितना है? क्या भारत पर 778 अरब डॉलर का कर्ज है? दुनिया में भारत की कर्ज के मामले में क्या रैंकिंग है और वर्ल्ड बैंक ने अपनी 2026 की रिपोर्ट में क्या चेतावनी दी है? जानिए पूरी आर्थिक स्थिति।
