बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए अपनाएं ये 5 आसान तरीके, थोड़ी सावधानी से टल सकता है बड़ा खतरा
पटना, 31 अक्टूबर 2026। बच्चों की सुरक्षा हर माता-पिता की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। बच्चे जैसे-जैसे बड़े होते हैं, स्कूल जाने, पार्क में खेलने और आसपास अकेले आने-जाने लगते हैं। ऐसे में उन्हें अनजान लोगों से सावधान रहने और मुश्किल स्थिति में सही कदम उठाने की जानकारी देना बहुत जरूरी है। माता-पिता को भी कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। आइए जानते हैं बच्चों की सुरक्षा से जुड़े पांच जरूरी नियम।
- बच्चे की हाल की तस्वीर अपने पास रखें
माता-पिता को समय-समय पर बच्चे की साफ तस्वीर खींचकर सुरक्षित रखनी चाहिए। बच्चे की लंबाई, कपड़े और पहचान से जुड़ी खास जानकारी भी लिखकर रखें। इससे किसी आपात स्थिति में बच्चे की पहचान बताने और तलाश में मदद मिल सकती है। - अनजान लोगों के साथ कहीं न जाएं
बच्चों को समझाएं कि कोई अनजान व्यक्ति चॉकलेट, खिलौने, पालतू जानवर दिखाने या किसी काम में मदद मांगने के बहाने अपने साथ बुलाए, तो उसके साथ बिल्कुल न जाएं। कोई यह भी कहे कि माता-पिता ने बुलाया है, तब भी पहले अपने माता-पिता से फोन पर पुष्टि करें। बच्चे को बताएं कि परेशानी होने पर किसी भरोसेमंद बड़े व्यक्ति या सुरक्षा कर्मचारी से मदद मांगे। - सार्वजनिक स्थानों पर बच्चे को अकेला न छोड़ें
मॉल, बाजार, रेलवे स्टेशन, पार्क या सार्वजनिक शौचालय जैसी जगहों पर बच्चे पर नजर रखें। छोटे बच्चों को अकेले सार्वजनिक शौचालय न भेजें। उनकी उम्र के अनुसार किसी भरोसेमंद बड़े व्यक्ति को साथ रखें। - खतरा महसूस होने पर जोर से मदद मांगें
बच्चों को सिखाएं कि अगर कोई अनजान व्यक्ति जबरदस्ती अपने साथ ले जाने की कोशिश करे या वे असुरक्षित महसूस करें, तो जोर से चिल्लाएं और आसपास के लोगों से साफ शब्दों में मदद मांगें। वे कह सकते हैं, “यह मेरे माता-पिता नहीं हैं, मुझे मदद चाहिए।” इसके बाद सुरक्षित जगह की ओर जाएं और पुलिस या माता-पिता को सूचना दें। - मॉल और मेले में मिलने की जगह तय करें
किसी मॉल, मेले, थिएटर या भीड़भाड़ वाली जगह पर जाने से पहले बच्चे को बाहर निकलने का रास्ता और मिलने की तय जगह दिखाएं। अगर बच्चा माता-पिता से बिछड़ जाए, तो उसे वहीं के सुरक्षा कर्मचारी, पुलिसकर्मी या किसी भरोसेमंद कर्मचारी से मदद मांगनी चाहिए। उसे यह भी सिखाएं कि किसी अनजान व्यक्ति के साथ कहीं न जाए।
माता-पिता के लिए जरूरी सलाह: बच्चे को डराकर नहीं, बल्कि प्यार से समझाकर ये बातें सिखाएं। घर पर ऐसी स्थितियों का अभ्यास भी कराएं, ताकि जरूरत पड़ने पर बच्चा घबराए बिना सही कदम उठा सके। बच्चे को यह भरोसा जरूर दें कि किसी परेशानी में वह बिना डर के आपसे बात कर सकता है।
