तमिलनाडु की जेल से 17 कैदी फरार, डिप्टी जेल सुपरिटेंडेंट बर्खास्त; 17 कर्मचारी सस्पेंडलाइव ज़ोन || समीर खान

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कैदियों ने सुरक्षाकर्मी को गुमराह कर खोली जेल की सुरक्षा व्यवस्था, सभी 17 फरार कैदी दोबारा गिरफ्तार

पटना, 31 अक्टूबर 2026। तमिलनाडु के थेनी जिला जेल से 17 कैदियों के फरार होने के मामले में राज्य सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री विजय थलपति के निर्देश पर जेल के डिप्टी सुपरिटेंडेंट एन. रामलिंगम को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। वहीं, ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में 17 जेल कर्मचारियों को निलंबित किया गया है। इसके साथ ही पूरे मामले की विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।

एक सप्ताह के भीतर राज्य की दो जेलों से कैदियों के फरार होने की घटनाओं के बाद सरकार ने जेल प्रशासन में बदलाव भी किए हैं। जेलों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने और निगरानी बढ़ाने के निर्देश जारी किए गए हैं।

ड्यूटी में लापरवाही पर डिप्टी जेल सुपरिटेंडेंट पर कार्रवाई

समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, एन. रामलिंगम अगस्त 2024 से थेनी जिला जेल में तैनात थे। जेल की सुरक्षा और प्रशासनिक निगरानी में लापरवाही सामने आने के बाद उन्हें सेवा से बर्खास्त किया गया।

मुख्यमंत्री विजय ने राज्य की सभी जेलों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए हैं। इससे पहले राज्य सरकार ने जेल एवं सुधार सेवा के पुलिस महानिदेशक डॉ. संदीप राय राठौड़ का भी तबादला किया था।

कैसे फरार हुए थे जेल से 17 कैदी?

जांच में सामने आए घटनाक्रम के अनुसार, सोमवार रात थेनी जिला जेल में बंद कैदियों ने भागने की योजना बनाई थी। बताया गया कि कैदियों ने सुरक्षाकर्मियों का ध्यान भटकाने के लिए एक कैदी की तबीयत खराब होने की सूचना दी।

मदद के लिए सुरक्षाकर्मी के बैरक में पहुंचने पर कैदियों ने उसे काबू कर लिया। इसके बाद जेल के मुख्य दरवाजे की चाबियां हासिल कर सभी 17 कैदी बाहर निकल गए। जेल से निकलने के बाद वे आसपास के जंगलों की ओर चले गए।

पुलिस के अनुसार, फरार होने के बाद कैदी अलग-अलग स्थानों पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने बाहरी लोगों से संपर्क किया और अपने परिचितों की मदद ली। उन्हें आगे की यात्रा के लिए कपड़े, पैसे और वाहन उपलब्ध कराए गए।

फरार कैदियों की तलाश में बनाई गईं 17 पुलिस टीमें

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने फरार कैदियों की तलाश शुरू कर दी। इसके लिए 17 पुलिस टीमों को अभियान में लगाया गया।

पुलिस ने मंगलवार शाम पांच कैदियों को गिरफ्तार किया। इसके बाद बुधवार को आठ अन्य कैदियों को पकड़ लिया गया। बाकी फरार कैदियों को भी गुरुवार तक गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस के मुताबिक, सभी 17 कैदियों को दोबारा पकड़ लिया गया है। उन्हें राज्य की अलग-अलग उच्च सुरक्षा वाली जेलों में भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई है। गिरफ्तार कैदियों को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेजा गया।

पुझल जेल से भी फरार हुए थे दो कैदी

थेनी जेल की घटना से पहले 20 अक्टूबर को चेन्नई के पास स्थित पुझल हाई-सिक्योरिटी जेल से भी दो कैदियों के फरार होने का मामला सामने आया था। उनकी तलाश के लिए सात पुलिस टीमों का गठन किया गया था। करीब दो दिन की तलाश के बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।

लगातार दो जेलों से कैदियों के फरार होने की घटनाओं ने तमिलनाडु की जेल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। इसके बाद सरकार ने जेल प्रशासन में बदलाव और सुरक्षा उपायों को मजबूत करने की प्रक्रिया शुरू की है।

जेलों में बढ़ाई जाएगी निगरानी

तमिलनाडु के मंत्री आर. निर्मल कुमार ने भी कैदियों के फरार होने की घटनाओं के बाद सुरक्षा व्यवस्था में हुई चूक को स्वीकार किया था। उन्होंने जेलों में सीसीटीवी कैमरों की निगरानी बढ़ाने और सुरक्षा प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने की योजना की जानकारी दी थी।

सरकार की ओर से अब जेलों में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।