बिहार में हड़ताल पर गए अमीनों पर सरकार का बड़ा एक्शन, काम से हटाने और ई-मापी आईडी बंद करने का आदेश लाइव ज़ोन || समीर खान

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24 घंटे का अल्टीमेटम खत्म होते ही राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग सख्त, अमीनों की जगह विशेष सर्वेक्षण अमीनों की होगी तैनाती
पटना, 3 नवंबर 2026: बिहार में हड़ताल कर रहे अमीनों के खिलाफ राज्य सरकार ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने हड़ताल में शामिल अमीनों को उनके सभी दायित्वों और कार्यों से तत्काल प्रभाव से मुक्त करने का निर्देश जारी किया है। इसके साथ ही ई-मापी पोर्टल पर उनकी आईडी निष्क्रिय करने का आदेश भी दिया गया है। सरकार ने यह कदम 24 घंटे का अल्टीमेटम समाप्त होने के बाद उठाया है।
अमीनों की जगह दूसरे कर्मचारियों की होगी तैनाती
विभाग के अपर सचिव अमित कुमार पांडेय ने मंगलवार को राज्य के सभी जिलाधिकारियों को पत्र जारी किया। इसमें कहा गया है कि हड़ताल पर बने रहने वाले अमीनों को तत्काल प्रभाव से काम से मुक्त किया जाए। उनकी जगह संबंधित अंचलों में विशेष सर्वेक्षण शिविरों में कार्यरत अमीनों की जरूरत के अनुसार तैनाती की जाएगी, ताकि जमीन मापी और राजस्व से जुड़े काम प्रभावित न हों।
सरकार ने पहले दिया था 24 घंटे का अल्टीमेटम
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने हड़ताल कर रहे अमीनों और राजस्व कर्मचारियों को काम पर लौटने के लिए 24 घंटे का समय दिया था। विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया था कि तय समय में कार्यस्थल पर योगदान नहीं देने वालों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
विभाग के मुताबिक, हड़ताल कर रहे कर्मचारियों के प्रतिनिधियों के साथ पहले भी बातचीत हुई थी। उनकी मांगों पर विभागीय स्तर पर विचार और नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिया गया था। इसके बावजूद कई कर्मचारी काम पर नहीं लौटे।
निलंबन, वेतन कटौती और सेवा में व्यवधान की चेतावनी
विभाग ने अपने आदेश में कहा था कि निर्धारित समय में योगदान नहीं देने वाले कर्मचारियों की अनुपस्थिति को अनधिकृत माना जा सकता है। ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली और संबंधित अनुशासनात्मक नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा हड़ताल की अवधि का वेतन नहीं देने और उस अवधि को सेवा में व्यवधान यानी ब्रेक इन सर्विस मानने की चेतावनी भी दी गई थी।
1200 से अधिक अमीन हड़ताल में शामिल
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बिहार में करीब 1200 से अधिक नियमित अमीन अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में वेतनमान बढ़ाकर पे लेवल-6 करना, तबादले की सुविधा, यात्रा भत्ता, खाली पदों पर नियुक्ति और प्रमोशन की व्यवस्था शामिल है।
अमीन संघ का कहना है कि लंबे समय से उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इसी वजह से कर्मचारियों ने आंदोलन का रास्ता अपनाया है।
जमीन मापी और दाखिल-खारिज के काम प्रभावित
अमीनों की हड़ताल के कारण राज्य के कई अंचल कार्यालयों में जमीन की मापी, जमाबंदी से जुड़े काम और अन्य राजस्व सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। इससे जमीन संबंधी काम कराने वाले आम लोगों को परेशानी हो रही है।
सरकार का कहना है कि जनता से जुड़ी जरूरी सेवाओं को लंबे समय तक बाधित नहीं रहने दिया जा सकता। अब विभाग ने वैकल्पिक कर्मचारियों की तैनाती का फैसला किया है।
आगे क्या होगा?
सरकार की कार्रवाई के बाद अब अमीन संघ और विभाग के बीच बातचीत की संभावनाओं पर नजर रहेगी। एक तरफ कर्मचारी अपनी मांगों पर निर्णय चाहते हैं, वहीं सरकार राजस्व से जुड़े काम जल्द शुरू कराने के लिए सख्त कदम उठा रही है।
SEO सोशल मीडिया सारांश: बिहार में हड़ताल पर गए अमीनों के खिलाफ सरकार ने कार्रवाई शुरू कर दी है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने उन्हें काम से मुक्त करने और ई-मापी पोर्टल की आईडी निष्क्रिय करने का आदेश दिया है। उनकी जगह विशेष सर्वेक्षण अमीनों की तैनाती होगी।