दिवाली से पहले खरीदारों को राहत, चांदी एक दिन में ₹8,300 और सोना ₹1,300 सस्ता; जानें गिरावट की वजह
पटना, 30 अक्टूबर 2026। दिवाली और धनतेरस से पहले सोना-चांदी खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए कीमती धातुओं की कीमतों में बड़ी गिरावट की खबर सामने आई है। शुक्रवार को घरेलू सर्राफा बाजार में सोने और चांदी दोनों के भाव में कमी दर्ज की गई। चांदी की कीमत एक दिन में 8,300 रुपये प्रति किलोग्राम गिर गई, जबकि सोना 1,300 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हुआ। इस गिरावट के बाद चांदी करीब 11 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गई।
दिल्ली के सर्राफा बाजार में 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने का भाव घटकर 1,45,200 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया। इससे पिछले कारोबारी दिन इसका भाव 1,46,500 रुपये था। वहीं, चांदी की कीमत 8,300 रुपये गिरकर 1,90,200 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।
MCX पर सोने की कीमत ₹1.40 लाख से नीचे
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर भी शुक्रवार को सोने और चांदी के वायदा भाव में भारी गिरावट दर्ज की गई।
4 दिसंबर 2026 एक्सपायरी वाला गोल्ड वायदा 2.32 प्रतिशत टूटकर 1,39,291 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। वहीं, 4 दिसंबर 2026 एक्सपायरी वाला सिल्वर वायदा 4.72 प्रतिशत गिरकर 1,80,514 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया।
इन आंकड़ों से साफ है कि घरेलू वायदा बाजार में चांदी पर सोने के मुकाबले ज्यादा बिकवाली का दबाव रहा।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना-चांदी कमजोर
भारतीय बाजार के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दोनों कीमती धातुओं के भाव में गिरावट देखने को मिली।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत 53.15 डॉलर यानी 1.32 प्रतिशत घटकर 3,968.24 डॉलर प्रति औंस रह गई। इस गिरावट के साथ सोना 4,000 डॉलर प्रति औंस के स्तर से नीचे आ गया।
वहीं, चांदी की कीमत में करीब 4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और इसका भाव घटकर 50.12 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।
सोना-चांदी के दाम गिरने की 4 बड़ी वजह
- अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर चिंता
अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता का असर सोने-चांदी की कीमतों पर पड़ रहा है। ब्याज दरें बढ़ने की आशंका से निवेशकों का रुझान सोने जैसी बिना ब्याज वाली संपत्तियों से दूसरे निवेश विकल्पों की ओर बढ़ सकता है। - डॉलर और बॉन्ड से मिलने वाला रिटर्न
अमेरिकी डॉलर में मजबूती और सरकारी बॉन्ड से मिलने वाला बेहतर रिटर्न सोने की मांग को प्रभावित कर सकता है। ऐसे माहौल में निवेशक सुरक्षित निवेश के दूसरे विकल्पों पर भी ध्यान देते हैं। - कच्चे तेल और महंगाई का दबाव
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से महंगाई बढ़ने की आशंका पैदा होती है। इसका असर केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीति और निवेशकों के फैसलों पर पड़ सकता है। इससे कीमती धातुओं के बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ता है। - चांदी की औद्योगिक मांग में कमजोरी
चांदी का इस्तेमाल केवल गहने बनाने में ही नहीं, बल्कि सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और कई औद्योगिक क्षेत्रों में भी होता है। चीन जैसे बड़े बाजारों में औद्योगिक मांग कमजोर रहने की आशंका से चांदी की कीमतों पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।
धनतेरस और दिवाली पर खरीदारी करने वालों के लिए जरूरी बात
त्योहारी सीजन में सोने-चांदी की खरीदारी करने से पहले ताजा बाजार भाव जरूर जांच लें। अलग-अलग शहरों में कीमतों में अंतर हो सकता है। इसके अलावा, आभूषण खरीदते समय शुद्धता, हॉलमार्क, मेकिंग चार्ज और जीएसटी की जानकारी भी लें।
ध्यान रखें कि बाजार में आई गिरावट के बाद भी सोने और चांदी की कीमतों में आगे उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। इसलिए खरीदारी का फैसला अपनी जरूरत और बजट के अनुसार करें।
