लाइव ज़ोन || समीर खान
बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन की योजना को लेकर नया दावा, विदेशी पत्रकार की भूमिका पर चर्चा
पटना, 29 अक्टूबर 2026। बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार के पतन से जुड़े घटनाक्रम को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार में प्रेस सचिव रहे शफीकुल आलम के एक सोशल मीडिया पोस्ट के अनुसार, अगस्त 2024 में सत्ता परिवर्तन से पहले छात्र आंदोलन के नेताओं और नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस के बीच संपर्क स्थापित करने में पत्रकार कादरुद्दीन शिशिर ने अहम भूमिका निभाई थी। आलम के दावे के मुताबिक, शिशिर ने दोनों पक्षों के बीच संपर्क सूत्र का काम किया था।
आलम के अनुसार, शेख हसीना के बाद बनने वाली अंतरिम सरकार का नेतृत्व करने के लिए छात्र नेताओं ने यूनुस से संपर्क करना चाहा था। इसके लिए उन्हें एक भरोसेमंद माध्यम की जरूरत थी। उस समय समाचार एजेंसी एएफपी के ढाका ब्यूरो से जुड़े पत्रकार कादरुद्दीन शिशिर ने छात्रों और यूनुस के बीच बातचीत का रास्ता बनाने में मदद की।
आलम ने इस पूरे घटनाक्रम को जोखिम भरा बताया। उनका कहना था कि यदि तत्कालीन सरकार को इस संपर्क और बातचीत की जानकारी मिल जाती, तो पत्रकार शिशिर और एएफपी की पूरी टीम को गंभीर कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता था। उन्होंने अपने पोस्ट में ‘आइनाघर’ का भी जिक्र किया, जिसे बांग्लादेश में गुप्त हिरासत और कथित यातना से जुड़े मामलों के कारण जाना जाता है।
बांग्लादेश में अगस्त 2024 में बदले राजनीतिक हालात
बांग्लादेश में सरकारी नौकरियों में आरक्षण के खिलाफ शुरू हुआ छात्र आंदोलन जुलाई 2024 में बड़े विरोध प्रदर्शन में बदल गया। आंदोलन के दौरान हिंसा और राजनीतिक तनाव बढ़ने के बीच 5 अगस्त 2024 को शेख हसीना ने प्रधानमंत्री पद छोड़ दिया और भारत आ गईं। इसके बाद 8 अगस्त 2024 को मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार ने शपथ ली।
सत्ता परिवर्तन के बाद बांग्लादेश की राजनीति में कई बड़े बदलाव हुए। शेख हसीना की अवामी लीग और विपक्षी दलों के बीच राजनीतिक टकराव जारी रहा। इस बीच आंदोलन के दौरान हुई घटनाओं, अंतरिम सरकार के गठन और सत्ता परिवर्तन से पहले की बातचीत को लेकर अलग-अलग दावे सामने आते रहे हैं।
शफीकुल आलम के बयान ने एक बार फिर इस सवाल को चर्चा में ला दिया है कि छात्र आंदोलन के नेताओं और यूनुस के बीच संपर्क कब और कैसे स्थापित हुआ था। हालांकि, सत्ता परिवर्तन की पूर्व नियोजित योजना और पत्रकार की भूमिका से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि के लिए अतिरिक्त प्रमाण और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया जरूरी है।
